सुंदरनगर, 5 नवंबर। हिमाचल प्रदेश के पेंशनर अपनी लंबित मांगों को लेकर अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। प्रदेश के 18 बड़े पेंशनर संगठनों ने संयुक्त संघर्ष के बैनर तले आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। इसके तहत 12 से 17 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 19 नवंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में विशाल रैली निकालकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। पेंशनरों ने सरकार को 11 नवंबर तक 17 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है।गुरुवार को सुंदरनगर में हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति जिला मंडी की बैठक जिला संयोजक हेम सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर मुख्य अतिथि और अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा की गई और प्रदेशभर के पेंशनरों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।
समिति के अनुसार, जिला मुख्यालयों पर 12 से 17 नवंबर तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक धरने दिए जाएंगे। प्रत्येक दिन 11 पेंशनर क्रमिक रूप से धरने पर बैठेंगे, जबकि 45 से 50 अन्य पेंशनर धरना स्थल पर मौजूद रहकर समर्थन देंगे। इसके बाद 19 नवंबर को धर्मशाला में प्रदेशव्यापी शक्ति प्रदर्शन होगा। समिति पिछले एक महीने से जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर जनजागरण अभियान चला रही है।बैठक में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 30 अक्टूबर को मधु देष्टा बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार मामले में दिए गए फैसले का स्वागत किया गया। समिति ने सरकार से फैसले को अक्षरश: लागू करने की मांग की। वक्ताओं ने आशंका जताई कि सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने पर विचार कर रही है। उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकार को कानूनी लड़ाई में अनावश्यक खर्च करने के बजाय पेंशनरों की देनदारियां चुकानी चाहिए।
समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने कहा कि सरकार एक ओर नए जिले बनाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर खजाना खाली होने का हवाला देकर पेंशनरों की देनदारियां चुकाने में आनाकानी कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया और वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
ये हैं पेंशनरों की प्रमुख मांगें
– वर्ष 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त प्रथम और द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को 50 प्रतिशत पेंशन एरियर का भुगतान।
– संशोधित ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट और एक जनवरी 2016 से लंबित वेतन एरियर जारी करना।
– एचआरटीसी पेंशनरों को अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समान आठ प्रतिशत महंगाई राहत देना।
– छठे वेतन आयोग की 50 हजार रुपये की पहली किस्त का भुगतान।
– बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना बहाल करना।
– शहरी स्थानीय निकायों के पेंशनरों को एक जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन देना।
– 18 कॉरपोरेट सेक्टरों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 1999 की अधिसूचना बहाल कर पेंशन लागू करना।
बैठक में प्रदेश और जिला स्तर के विभिन्न पेंशनर संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति ने सरकार से 11 नवंबर तक मांगों पर निर्णय लेने और प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाने की अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed