राज्य सरकार के श्रम विभाग कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच बातचीत में मदद करेंगे।’इस माह के शुरुआत में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा था कि कर्मचारियों के दफ्तरों से उनके घरों के लिए पलायन रोकने के लिए पूरी सैलरी के भुगतान करने का आदेश दिया था। केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा था कि हम चाहते हैं कि अर्थव्यवस्था फिर से शुरू हो। यह नियोक्ताओं और कर्मचारियों पर है कि वे आपस में बातचीत करें कि लॉकडाउन अवधि के लिए कितने वेतन का भुगतान किया जा सकता है। इस पर जस्टिस अशोक भूषण और एस के कौल की पीठ ने कहा कि सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रावधानों को लागू नहीं किया है, बल्कि आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू किया है।
क्या सरकार के पास इस तरह का आदेश जारी करने का अधिकार है कि मजदूरों को पूरा वेतन दिया जाए। भुगतान करने की आवश्यकता 50 प्रतिशत हो सकती है, लेकिन केंद्र ने 100 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया है। ये समझौता उद्योगवार हो सकता है, लेकिन 100 प्रतिशत देना संभव नहीं हो सकता।
