Spread the love

शिमला। हिमाचल की सेब बागबानी को आधुनिक तकनीक और नवाचार से मजबूत करने के लिए अब न्यूजीलैंड तकनीकी सहयोग देगा। न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने, आधुनिक तकनीक साझा करने और बागबानों को नई तकनीकों से जोडऩे के मुद्दे पर विस्तार से जानकारी रखी गई। न्यूजीलैंड ने हिमाचल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में सहयोग की इच्छा भी जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में सेब की बागबानी का प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका में अहम योगदान है।

ऐसे में बदलते मौसम, उत्पादन लागत और बाजार की चुनौतियों के बीच आधुनिक तकनीक एवं नवाचार को अपनाना महत्त्वपूर्ण है। बैठक में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्य सचिव केके पंत, न्यूजीलैंड के विशेष कृषि व्यापार दूत नाथन गाइ, उच्चायोग के काउंसिलर प्राथमिक उद्योग जेम्स वॉ, कृषि साझेदारी प्रबंधक प्रियम अरोड़ा सहित न्यूजीलैंड के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्राकृतिक खेती पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री ने हिमाचल और न्यूजीलैंड के बागबानों के बीच प्रत्यक्ष संवाद और अनुभव साझा करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रों के किसानों के लिए एक्सपोजर विजिट तकनीकी ज्ञान और नई संभावनाओं को समझने का प्रभावी माध्यम हो सकती है।

नई उड़ान मिलेगी

शिमला। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक राटा के नेतृत्व में आए छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर बागबानी क्षेत्र के विस्तार और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। इंडो-न्यूजीलैंड कृषि परियोजना के तहत सेब, कीवी और नाशपाती के लिए करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस सहयोग का प्रमुख केंद्र होगा। परियोजना का उद्देश्य न्यूजीलैंड की तकनीकी दक्षता का लाभ प्रदेश के किसानों तक पहुंचाना हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed