वाकनाघाट। जेपी सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (JUIT), वाकनाघाट के इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (ECE) विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 7वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “मोबाइल रेडियो कम्यूनिकेशन एंड 5जी नेटवर्क्स” (MRCN 2026) का शुभारंभ 17 सितंबर को हुआ। 17 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में भारत और विदेशों के शोधकर्ता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और छात्र भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर प्यारी मोहन प्रधान मुख्य अतिथि और ऑस्ट्रेलिया की आरएमआईटी (RMIT) यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिनेश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
तकनीकी व शोध गतिविधियों पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और आयोजकों की संक्षिप्त प्रस्तुति से हुई:
डॉ. श्वेता पंडित (विभागाध्यक्ष, ECE एवं कॉन्फ्रेंस प्रिंसिपल जनरल चेयर) ने ईसीई विभाग की अकादमिक व शोध गतिविधियों का अवलोकन प्रस्तुत किया।
डॉ. प्रदीप गर्ग (कॉन्फ्रेंस सचिव) ने MRCN 2026 के विषय और दायरे की जानकारी दी।
प्रो. श्रुति जैन (डीन ए, जेयूआईटी एवं कॉन्फ्रेंस जनरल चेयर) ने विश्वविद्यालय के अकादमिक कार्यक्रमों के बारे में बताया।
प्रो. सुधीर कुमार ने जेयूआईटी की अनुसंधान व नवाचार पहलों, विशेषकर 5जी और 6जी तकनीकों पर प्रकाश डाला।
प्रो. आर.के. शर्मा (कुलपति, जेयूआईटी) ने समाज के कल्याण के लिए शोध ज्ञान और तकनीकी प्रगति को साझा करने के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. प्यारी मोहन प्रधान ने 5जी और 6जी तकनीकों के बढ़ते महत्व तथा 3GPP में भारत के 5जी मानकीकरण योगदान की सराहना की। सत्र का समापन कॉन्फ्रेंस सचिव डॉ. विकास बघेल के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
27.4% रहा शोध पत्रों का स्वीकृति दर
MRCN 2026 के लिए कुल 124 शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से कड़ी समीक्षा के बाद 34 शोध पत्र स्वीकृत किए गए (स्वीकृति दर ~27.4%)। इस सम्मेलन में भारत के अलावा अमेरिका, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, ओमान, यूएई, उज्बेकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और रूस के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह के बाद कीनोट एड्रेस और समानांतर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। पहले दिन शोधकर्ताओं ने IoT, 6G कम्यूनिकेशन, MIMO एंटेना, मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग, ब्लॉकचेन, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, स्वायत्त वाहन (Autonomous Vehicles) और एआई-आधारित अनुप्रयोगों पर अपने शोध प्रस्तुत किए।
