शिमला समेत प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। कई जगह खेतों में पानी जमा हो गया है। इससे कुछ दिन फसलों की कटाई मुश्किल हो गई है। किसानों की फसलों को पहले भी ओलों से 33 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। हिमाचल में 29 अप्रैल तक मौसम खराब रहेगा। इस दौरान बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मंडी, शिमला और सोलन जिले में सोमवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। प्रदेश में 30 अप्रैल के बाद मौसम शुष्क रहेगा। उधर, रविवार को केलांग का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान ऊना में 35.6 डिग्री दर्ज किया गया। कंडाघाट उपमंडल की चायल घाटी के कई क्षेत्रों में शनिवार शाम को भारी ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई हैं। पंचायत बांजनी, सकोड़ी, नगाली, धंगील, चायल, झाजा में टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रासबीन, मटर, सरसों, गोभी और गुठलीदार फलों को नुकसान हुआ है। सिरमौर जिले के मैदानी इलाकों में गेहूं की फसल तबाह हो गई है।
खेत पानी से भर गए हैं। पकी गेहूं की फसल भीग गई है। बिलासपुर जिले में 60 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। नूरपुर विकास खंड की चार पंचायतों में ओलावृष्टि से करीब 400 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की 60 प्रतिशत फसल तबाह हो गई है।
उधर, प्रदेश के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान शिमला 10.7, सुंदरनगर 15.0, भुंतर 14.2, कल्पा 6.6, धर्मशाला 12.4, ऊना 18.8, नाहन 17.9, केलांग 4.9, पालमपुर 14.0, मनाली 9.4, कांगड़ा 18.4, मंडी 17.2, बिलासपुर 15.3, हमीरपुर 16.0, चंबा 14.6, डलहौजी 10.7 और कुफरी 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान शिमला 20.1, सुंदरनगर 26.7, भूंतर 23.5 , कल्पा 17.3 , धर्मशाला 23.8 , ऊना 28.2, सोलन 25.0 , केलांग 16.1, नाहन 28.2, कांगड़ा 29.2, बिलासपुर 33.0 , हमीरपुर 32.8, चंबा 24.9 और डलहौजी 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
