शिमला। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से संबंधित अफवाहों के कारण औद्योगिक क्षेत्र तथा आमजन में भ्रांति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि फैक्टरी में कर्मचारी के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा कानूनी कार्रवाही के तहत तीन माह के लिए फैक्टरी सील करने या मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कैद करने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत बचाव कार्यों की पालना ना करने की स्थिति में फैक्टरी को दो दिन के लिए बंद किया जाए तथा केवल पूर्ण अनुपालना के उपरांत ही पुनः खोला जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें तथ्यहीन हैं।
उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार औद्योगिक तथा व्यवसायिक इकाइयों को कार्य स्थलों पर स्टेंडर्ड हेल्थ प्रोटोकॉल तथा सामाजिक दूरी का पालन करना आवश्यक है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 अप्रैल को जारी समेकित संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत पहले से दी गई छूट जारी रहेंगी, बशर्ते छूट वाली गतिविधि कंटेनमेंट जोन में शामिल हैं। इसलिए 15 अप्रैल से पहले कंटेनमेंट जोन से बाहर के क्षेत्रों में शामिल जिन उद्योगों को चलाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी, उन्हें प्राधिकारियों से अलग से नई स्वीकृतियां प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।
