शिमला। आज सदन में प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार की जमकर घेराबंदी की। उन्होंने जलशक्ति मंत्री पर ताबड़तोड़ वार किए और दोनों के बीच तीखी नौकझोंक होने से सदन का माहौल गरमा गया। अग्निहोत्री ने चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के नदारद रहने पर तंज कसते हुए कहा कि वह बजट सत्र को लेकर गंभीर नहीं हैं और उनकी अनुपस्थिति में जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह मुख्यमंत्री की भुमिका में हैं और आंखें दिखाकर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग में विदेशों से वित पोषित योजनाओं में एक भी पैसा प्रदेश को नहीं मिला है। यही हाल केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित जलमिशन योजना का है।
सदन में इन परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उनकी जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह से खूब नोक-झोंक भी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जलजीवन मिशन योजना में प्रदेश सरकार ने 2500 करोड़ के टैंडर जारी कर दिए हैं, जबकि केंद्र से राज्य को इस योजना के तहत महज 150 करोड़ ही मिले हैं। इसे लेकर उन्होंने सदन में दस्तावेज भी लहराए और जलशक्ति मंत्री को चुनौती दी कि अगर उनके दस्तावेज गलत दस्तावेज गलत साबित होते हैं, तो वे नेता प्रतिपक्ष से इस्तीफा दे देंगे, अन्यथा जलशक्ति मंत्री इस्तीफा दें। नेता प्रतिपक्ष ने हिमाचल सरकार के शराब सस्ती करने तथा रात भर बार खोलने के निर्णय की ओलाचना करते हुए कहा कि हिमाचल को थाईलैंड बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार के इस फैसले से हिमाचल का नाम बदनाम होगा और यह फैसला वापिस लिया जाना चाहिए। फर्जी डिग्री मामले को उठाते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज निजी विश्वविद्यालयों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण को महज राजनीतिक दस्तावेज करार दिया तथा कहा कि इसकी न कोई दिशा है और न ही दशा।
