दुनियाभर में करीब 59,000 लोग रेबीज की वजह से मरते हैं। जिसमें से 90 प्रतिशत की मौत रेबीज से संक्रमित कुत्ते के काटने से होती है। भारत में प्रति वर्ष 18,000 से लेकर 20,000 लोगों की मौत रेबीज के कारण होती है। ये जो मौतें होती हैं उनमें से ज्यादातर इलाज और स्वास्थ सुविधाएं न मिलने के कारण होती हैं।
विश्व स्वास्थ संगठन का यह आंकड़ा है जो डराता भी है और सवाल भी खड़ा करता है। रेबीज एक संक्रमण बीमारी होती है, जो जानवर की लार से फैलती है। यह न्यूरोट्रोपिक लाइसिसिवर्स (Neurotropic Lysaavirus) वायरस से फैलता है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह एक खतरनाक संक्रमण है, आइए जानते हैं किस तरह रेबीज व्यक्ति को कैसे प्रभावित करता है और उसके लक्षण व उपचार क्या हैं।
