शिमला। हिमाचल प्रदेश में जनगणना कार्य को सुचारु और समयबद्ध पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य में अलग-अलग विभागों के करीब 19 हजार अधिकारी-कर्मचारी जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और गणना का कार्य पूरा हो चुका है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में भी यह कार्य पूरा किया जा चुका है।
दूसरे चरण की जनगणना प्रक्रिया जनवरी और फरवरी 2027 के दाैरान होगी
अब प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में दूसरे चरण की प्रक्रिया जनवरी और फरवरी 2027 के दौरान आयोजित की जाएगी। आगामी चरण को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जनगणना कार्य के लिए राज्य, जिला, तहसील और गणना ब्लॉक स्तर तक अधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं। संबंधित अधिकारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इसलिए लगाई तबादलों पर रोक
पहले चरण के कार्य के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है, ताकि वे जनगणना की प्रक्रिया और अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन कर सकें। जनगणना से प्राप्त आंकड़े प्रशासनिक नियोजन, सरकारी योजनाओं के निर्माण और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकें।
