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शिमला, 16 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर आपदा राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त धनराशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आपदा से हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण के लिए पीडीएनए के अंतर्गत सहायता उपलब्ध करवाई, लेकिन प्रदेश में इस धनराशि के इस्तेमाल को लेकर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के कुमारसैन और थानेधार उपमंडलों में वर्ष 2024-25 की आपदा राहत राशि से ऐसे कार्यों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं, जिनकी वास्तविक आवश्यकता ही नहीं है। जिन सड़कों पर मलबा गिरा ही नहीं और जो पूरी तरह यातायात के लिए खुली हैं, वहां भी मलबा हटाने के नाम पर टेंडर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अधिकारियों और चुनिंदा ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि किट्टी सड़क का उन्होंने चार दिन पूर्व स्वयं निरीक्षण किया था। उनके अनुसार सड़क पर कहीं मलबा नहीं था, इसके बावजूद मलबा हटाने के नए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। इसी प्रकार कटेड़ी सड़क पर टायरिंग और सफेद पट्टी की मार्किंग पहले से हो चुकी है, लेकिन दोबारा मार्किंग के टेंडर लगाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने दावा किया कि इसके वीडियो प्रमाण भी उनके पास उपलब्ध हैं।
भारद्वाज ने कहा कि बड़ौगी से केड़ी तक लगभग डेढ़-दो किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह खुली है और वहां आपदा से कोई उल्लेखनीय नुकसान नहीं हुआ, फिर भी मलबा हटाने के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सड़क के संबंध में आरटीआई के माध्यम से जानकारी भी मांगी गई है।उन्होंने विधायक कुलदीप राठौर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा ठेकेदारों और कांग्रेस से जुड़े व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले में विधायक और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भारद्वाज ने ओडी से बिथल तक हॉर्टिकल्चर सड़क के लगभग एक करोड़ रुपये के कार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क चौड़ीकरण और कटिंग के लिए उचित डंपिंग साइट की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मिट्टी जंगल में फेंकने से वन क्षेत्र और बगीचों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त करने के बावजूद संबंधित कार्यों के टेंडरों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कुमारसैन क्षेत्र के बड़ागांव में प्रस्तावित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भवन निर्माण के लिए उपलब्ध राशि वापस मंगवाए जाने की जानकारी मिली है। एक ओर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के कार्य लंबित हैं, दूसरी ओर अनावश्यक टेंडरों पर धन खर्च करने के आरोप सामने आ रहे हैं।भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से मांग की कि कुमारसैन और थानेधार उपमंडलों में आपदा राहत राशि से जारी सभी टेंडरों, भुगतान, माप पुस्तिकाओं और कार्यों का भौतिक सत्यापन करवाया जाए।** उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र से प्राप्त धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो भाजपा स्थानीय जनता के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में संबंधित सड़कों के वीडियो और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

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