नई दिल्ली। एसआईआर के खिलाफ शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके और एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा ने गुरुवार को दिल्ली में ज्वाइंट प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए लोगों से भारी मात्रा में इस आंदोलन को हिस्सा बनने की अपील की। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान नेहा के बोलने से पहले कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे नेहा के बांग्लादेश आंदोलन से प्रेरणा मिलने वाले बयान से नाराज थे। उधर अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए तिरंगा फहराना भी अपराध बना दिया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग कनॉट प्लेस पहुंचे। हम वहां के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर सरकार को दिखा देंगे कि इस देश में तिरंगा फहराना अपराध नहीं है।
सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण और एक्टर प्रकाश राज भी प्रेस कान्फ्रेंस शामिल हुए। प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार की बर्बरता जारी रही, तो सरकार बदलनी होगी। लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई सिविल सोसायटी और युवाओं के नेतृत्व में लड़ी जाएगी। इसी बीच दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क में विरोध प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने पुलिस के इस आश्वासन को दर्ज किया कि उनकी गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव सांबरे और संजय शर्मा की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।
