सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों को प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद विकास कार्यों की गति बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने के बाद प्रदेश की ऋण सीमा में कटौती तथा जीएसटी मुआवजे से संबंधित वित्तीय चुनौतियों के कारण राज्य के संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदाओं के कारण भी प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों और विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश के विकास की गति को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) में हिमाचल प्रदेश ने 21वें स्थान से तीसरा स्थान हासिल किया है, जबकि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में प्रदेश 18वें स्थान से 05वें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शत-प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करना भी शिक्षा के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों और प्रभावी निर्णयों का परिणाम है।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने गेओटा-खलाई संपर्क सड़क के निर्माण की मांग पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। वहीं, स्थानीय स्तर पर पशु चिकित्सालय भवन के निर्माण की मांग के संबंध में उन्होंने आगामी बजट में इस प्रस्ताव को शामिल करवाने के लिए प्रयास करने की बात कही।
निर्माणाधीन शरौंथा स्कूल भवन का किया निरीक्षण
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शरौंथा में निर्माणाधीन स्कूल भवन का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि स्कूल भवन का निर्माण लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है और अब तक करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने विधायक प्राथमिकता के अंतर्गत निर्माणाधीन शरौंथा-कराली-कांगर-कलगौंटीर संपर्क सड़क का भी निरीक्षण किया। लगभग 6.2 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण करीब 7 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति प्राप्त होगी।
