शिमला | इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मरीजों को मिल रही निशुल्क टेस्ट की सुविधा आने वाले दिनों में बंद हो सकती है। आईजीएमसी में बुधवार को हुई रोगी कल्याण समिति की कार्यकारी समिति की बैठक में इसको लेकर चर्चा की गई। हालांकि इसको लेकर अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार लेगी। बैठक की अध्यक्षता आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने की। इसमें चर्चा की गई कि अस्पताल में मौजूदा समय में सभी टेस्ट निशुल्क में हो रहे हैं। लिहाजा कुछ टेस्टों पर न्यूनतम शुल्क लगाया जाए। इससे आरकेएस को आमदनी होगी। आरकेएस के पास बजट उपलब्ध होगा तो इससे रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली की टीम ने डीडीयू और आईजीएमसी में जांचीं व्यवस्थाएं
स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली से आई टीम ने बुधवार को शहर के डीडीयू अस्पताल और आईजीएमसी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। नेशनल प्रोग्राम के बारे में भी जानकारी हासिल की। इस दौरे के दौरान टीम के अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत भी की। इस आधार पर टीम रिपोर्ट तैयार करेगी जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। बुधवार को दिल्ली से आई टीम ने सबसे पहले डीडीयू अस्पताल का दौरा किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली से आई टीम ने बुधवार को शहर के डीडीयू अस्पताल और आईजीएमसी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। नेशनल प्रोग्राम के बारे में भी जानकारी हासिल की। इस दौरे के दौरान टीम के अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत भी की। इस आधार पर टीम रिपोर्ट तैयार करेगी जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। बुधवार को दिल्ली से आई टीम ने सबसे पहले डीडीयू अस्पताल का दौरा किया।
यहां उन्होंने ओपीडी और वार्डों में जाकर मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि टीम अस्पताल की व्यवस्थाओं को संतुष्ट नजर आई। डीडीयू अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने टीम के दौरे पर आने की पुष्टि की है। इसके बाद टीम ने आईजीएमसी का दौरा किया। इस दौरान किसी भी जानकारी के लिए आईजीएमसी प्रबंधन की ओर से अधिकारी की ड्यूटी टीम के साथ लगाई गई थी। टीम प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों और जोनल अस्पताल का दौरा भी करेगी।
