नई दिल्ली / शिमला। हिमाचल प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी और विमानन बुनियादी ढांचे (aviation infrastructure) को मजबूत करने के लिए आज नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (भारत सरकार) और भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता संशोधित क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ (UDAN) के तहत किया गया है।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन सचिव संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।उन्होंने बताया कि यह MoU मौजूदा और नए उड़ान मार्गों के साथ-साथ पात्र विमानन बुनियादी ढांचे के विकास और संचालन के लिए सहयोग का एक ढांचा प्रदान करता है। यह समझौता 10 वर्षों के लिए वैध है। वर्तमान व्यवस्था के तहत, वायाबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा और शेष 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
संदीप कुमार ने आगे बताया कि राज्य की कठिन भौगोलिक एवं पर्वतीय परिस्थितियों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के संचालन में आने वाली उच्च लागत को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से हिमाचल प्रदेश को संशोधित 90:10 VGF अंशदान पैटर्न के तहत लाने का आग्रह किया था, जिसमें 90 प्रतिशत सहायता केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दी जाए।
उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं में सुधार से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटकों और व्यावसायिक यात्रियों की आवाजाही आसान होगी तथा प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच अधिक सुगम हो सकेगी।
