शिमला। दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुव्र्यवहार और हिरासत में लेने के विरोध में प्रदेश भर में कांग्रेस गुरुवार को सडक़ों पर उतर आई। हाथों में तख्तियां और काले पट्टियां बांध कर गुरुवार का दिन कांग्रेस ने ब्लैक-डे के तौर पर मनाया। जिला ऊना में आयोजित विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल मुख्य रूप से शामिल हुई है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगवाई में प्रदेश कांग्रेस ने गर्वनर हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था और इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए एक ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा था।
राहुल और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों के समर्थन में उतरी हिमाचल कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेश भर में आंदोलन करने का ऐलान किया था। लिहाजा गुरुवार को जिला मुख्यालयों के साथ-साथ ब्लॉकों में भी कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर भाजपा और केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ऊना और सोलन जिला में कांग्रेस ने केंद्रीय चुनाव आयुक्त का पुतला भी जताया। वहीं, शिमला में शहरी और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष मौन प्रदर्शन किया। प्रदेश के अन्य जिलों में भी यह विरोध प्रदर्शन हुआ।
प्रदेश के लिए पार्टी ने नेताओं को सौंपी थी जिम्मेदारी
प्रदेश भर में हुए प्रदर्शन को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विशेष तौर पर वरिष्ठ नेताओं को भी जिम्मेदारियां सौंपी थी। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार का कहना है कि गुरुवार को प्रदेश भर में भाजपा और केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ राहुल गांधी की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ एकजुटता से खड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर बूथ स्तर तक जाएगी और आमजन को जागरूक किया जाएगा।
