मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति की जमकर सराहना की। मनु की नगरी मनाली पहुंचीं राष्ट्रपति ने यहां की खूबसूरत वादियों और शांत वातावरण को पसंद किया। राष्ट्रपति ने हिमाचल के तीन दिवसीय दौरे में अद्भुत अनुभव की अनुभूति की और कहा कि भविष्य में यदि दोबारा पहाड़ी राज्य हिमाचल आने का मौका मिला तो वह आवश्यक आएंगी। इस दौरे के दौरान उन्होंने मनाली की संस्कृति को भी लाजवाब बताते हुए हिमाचल की लोक परंपराओं के प्रति अपनी रुचि जाहिर की। मनाली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने माता हिडिंबा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और माता से आशीर्वाद मांगा। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें माता हिडिंबा से संबंधित स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
राष्ट्रपति ने इस स्मृति चिन्ह को हिमाचल की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी विशेष भेंट के रूप में ग्रहण किया। राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान लाहुल की पारंपरिक संस्कृति से भी रू-ब-रू हुईं। शेड्यूल के मुताबिक आठ अक्तूबर सुबह साढ़े नौ बजे सासे से राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के माध्यम से दिल्ली रवाना हुईं।
कंगना ने भेंट की कुल्लवी शॉल
स्थानीय संस्कृति की झलक ने राष्ट्रपति के हिमाचल प्रवास को और खास बना दिया। मंडी की सांसद कंगना रणौत ने राष्ट्रपति को कुल्लवी शॉल भेंट की। राष्ट्रपति के मनाली प्रवास के दौरान हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता, देवी-देवताओं की आस्था और पारंपरिक संस्कृति की एक साथ झलक देखने को मिली। मनाली की वादियों से लेकर माता हिडिंबा के दरबार और कुल्लवी शॉल तक, हिमाचल की लोक संस्कृति ने राष्ट्रपति के दौरे को यादगार बना दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निहारी अटल टनल, लाहुल की वादियां
छह अक्तूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बिलासपुर से हेलिकॉप्टर के माध्यम से मनाली स्थित सासे हेलिपैड में उतरीं थी। इसके बाद राष्ट्रपति गाड़ी के माध्यम से मनाली सर्किट हाउस पहुंची। यहां पर रात्रि ठहराव हुआ, जहां पर उन्होंने रात्रि भोज में पारंपरिक कुल्लवी व्यंजनों को चखा। दूसरे दिन सात अक्तूबर को सुबह राष्ट्रपति विश्व पटल में प्रसिद्ध अटल टनल रोहतांग की तरफ निकलीं। राष्ट्रपति सबसे पहले अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल पहुंची। यहां पर लाहुल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने राष्ट्रपति का लाहुली परंपरा से स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति लाहुल-स्पीति जिला की उन महिलाओं के पास पहुंची, जो लाहुली पोषाक में सजीं थी। महिलाओं के पहनावे को देखकर राष्ट्रपति बेहद खुश हुईं। बाद में नॉर्थ पोर्टल से ही राष्ट्रपति ने यहां की सुंदर वादियों को निहारा। दस मिनट रुकने के बाद राष्ट्रपति का काफिला वापस साउथ पोर्टल की तरफ आया। यहां से अटल टनल के साथ सटी मनाली की हसीन वादियों को भी निहारा। उन्होंने बीआरओ के कमांडर से टनल बारे जानकारी हासिल की।
मां हिडिंबा के दर नवाया शीश
राष्ट्रपति अपनी बेटी संग ढूंगरी में माता हिडिंबा के दर भी पहुंची। यहां पर पूजा-अर्चना की और माता के पुजारी ने राष्ट्रपति और उनकी बेटी को माता की तरफ से आशीर्वाद के रूप में चुनरी और फूल दिए। फिर राष्ट्रपति फिर सर्किट हाउस पहुंची। कुछ देर विश्राम करने के बाद राष्ट्रपति सुरक्षा के साथ मनाली के माल रोड पर सैर करने आईं। माल रोड पर घूमते समय राष्ट्रपति ने यहां उनको देखने बैठे नन्हें बच्चों को चॉकलेट दीं और शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।
