सोलन, 9 अक्टूबर 2026। बाहरा विश्वविद्यालय, सोलन का दीक्षांत समारोह-2026 शुक्रवार को गरिमामय एवं भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, लगन और शैक्षणिक उपलब्धियों का साक्षी बना।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहने, बल्कि उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज की प्रगति के लिए करना चाहिए।
अनेक गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
समारोह में बाहरा विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति एवं रायट-बाहरा समूह के अध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) आर. पी. नैंटा, कुलसचिव एवं कुलाधिपति के सलाहकार श्री विनीत कुमार, आईएफएस (सेवानिवृत्त), पूर्व सांसद श्री अविनाश राय खन्ना, सोलन के उपायुक्त श्री मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन, उपनिदेशक जनसंपर्क तथा एसडीएम सोलन सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को भी किया याद
दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके शैक्षणिक जीवन के संघर्ष, परिश्रम और सफलता का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से इस उपलब्धि को हासिल किया है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। अभिभावकों के त्याग, विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन के साथ-साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं समर्पण ने विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रतिष्ठा के निर्माण में इन सभी का योगदान सराहनीय रहा है।
शिक्षा, अनुसंधान और उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर बाहरा विश्वविद्यालय
सितंबर 2010 में बाहरा एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसायटी के अंतर्गत स्थापित बाहरा विश्वविद्यालय आज हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। विश्वविद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े 60 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं तथा यहां लगभग 4,000 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें कुशल पेशेवर, जिम्मेदार नागरिक और भविष्य के सक्षम नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है। दीक्षांत समारोह में 577 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान किया जाना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
