शिमला| हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बहुचर्चित युग हत्याकांड में दोषियों की फांसी की सजा यानी मृत्युदंड पर सुनवाई 16 नवम्बर को होगी. हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट में फिरौती के लिए बच्चे की हत्या करने वाले दोषियों के मृत्युदंड पर सुनवाई 16 नवम्बर को निर्धारित की गई है. न्यायाधीश अजय मोहन गोयल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मामले पर सुनवाई लगातार करने की कोशिश की जाएगी.मामला सत्र न्यायाधीश की ओर से रेफरेंस के तौर पर हाईकोर्ट के समक्ष रखा गया है. इस मामले में तीनों दोषियों ने भी अपील के माध्यम से सत्र न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी है.
उल्लेखनीय है कि तीन दोषियों को फिरौती के लिए चार साल के मासूम युग की अपहरण के बाद निर्मम हत्या करने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिमला की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है.6 सितम्बर 2018 को तीनों दोषी चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बख्शी को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने इस अपराध को दुर्लभ में दुर्लभतम श्रेणी के दायरे में पाया था.
