रामपुर बुशहर । शिमला जिला के रामपुर में होली उत्सव मनाने में स्थानीय देवताओ की भूमिका रहती है। होली की शाम देवताओ का राजदरबार आगमन के साथ होता मेला आरम्भ होता है। इस जिला स्तरीय उत्सव को जाना जाता है फाग उत्सव के नाम से परंपरा अनुसार राज दरबार पहुंचने पर देवताओं का राज परिवार की ओर से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने स्वागत किया। देवताओं को होली लगाकर उत्सव हुआ विधिवत आगाज बसंत आगमन की ख़ुशी में सदियों से मनाया जाता है। देवता बसारु औरदेवता जाख रचोली राजदरबार पहुंचते ही करते है होली का दहन। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 130 किलोमीटर दूर रामपुर बुशहर में बुशहर रियासत काल से ही बसंत आगमन की खुशी में मनाएजाने वाला फाग उत्सव होलिका दहन के साथ प्रारंभ हो गया है।
रामपुर क्षेत्र के देवता बासरु और देवता रचोली जाख होली की संध्या पर रामपुर राज दरबार पहुंचते है , राजगद्दी को आशीर्वाद देने के बाद राज परिवार की ओर पूजा अर्चना के साथ देवताओ पर होली लगाई जाती है। उस के बाद रामपुर के राज दरबार में जिला स्तरीय 4 दिवसीय फाग उत्सव शुरू हो जाता है। इस दौरान आसपास के देवी देवता, देव वाध्य यंत्रो की धुनों में नाच गान के साथ उत्सव मनाने रामपुर पहुंचते है। रामपुर फाग उत्सव पौराणिक एवं ऐतिहासिक होने के साथ-साथ विशुद्ध रूप से पारंपरिक है। इस दौरान रामपुर आसपास के इलाकों से देवलु अपने देवी देवताओ को लेकर के रामपुर पहुंचते हैं और 4 दिनों तक राज दरबार में नाच गान चलता रहता है।लोग देवी-देवताओं से इस दौरान आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और अपने दुख एवं कष्ट निवारण की कामना करते हैं।
इस बार करोना वायरस की वजह से मेला आयोजन को लेकर के संशय बना रहा,लेकिन आखिरी चरण में विधायक विक्रमादित्य सिंह के हस्तक्षेप से मेले कोविधिवत संचालित करने की हरी झंडी मिल गई।विक्रमादित्य सिंह विधायक शिमला ग्रामीण ने बताया कि रामपुर का फाग मेला एक ऐतिहासिक उत्सव है और इस उत्सव को उनके पूर्वजों द्वाराशुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि जैसे लवी एक व्यापारिक मेला है।इलाके के और बाहर से व्यापारी व्यापार के लिए आते है , उसी तरह यह फागमेला है ,यह हमेशा होली के बाद मनाया जाता है। इसमें बुशहर रियासत केजितने भी देवी देवता है यहां आ कर राजगद्दी को आशीर्वाद देते हैं और उसके बाद 4 दिनों तक मेला चलता है।
उन्होंने बताया कि हमारा यह दायित्वबनता है कि इस परंपरा को पूरे शानो शौकत से जारी रखे। नगर परिषद पूर्व उपाध्यक्ष हरीश चंद्र ने बताया रामपुर में कई सालों से इस फाग मेले का आयोजन किया जाता है, इस बार करोना वायरस की वजह से प्रशासन ने मेले को रोकने का प्रयास किया। वैसे 1962 में भी पूरे देश में महामारी आई थी ,लेकिन स्थानीय देवताओ के प्रकोप से बीमारी नहीं आई,और इस बार भी देवी देवताओंने यह बताया कि मेले के दौरान कोई बीमारी नहीं आएगी इस बारी भी मेला हमपूरे विधि-विधान से और हर्षोल्लास से मनाएंगे।
शिंगला पंचायत प्रधान विमला शर्मा ने बताया कि जिस तरह से शुरू से ही होली के बाद हमारा फाग मेले का आयोजन होता है और जितने भी बुशहर के देवी देवता है वहइस मेले की शोभा को बढ़ाते हैं और समूचे इलाके लोग इस मेले के दौरान यहां आकर आपस में मिलते है। लोग यहाँ अपना दुःख सुख बांटते है।आपसी मेलजोल बढ़ाते है। लेकिन इस बार करोना वायरस की वजह से मेला आयोजन को लेकर केदुविधा बनी थी लेकिन मेला अब जारी रहेगा।
