शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने राज्य कमेटी के आह्वान पर महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आज पूरे राज्य के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण तथा महकमे में खाली पड़े पदों को तुरन्त भरने और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला रोग विशेषज्ञ तथा शिशु रोग विशेषज्ञ की भर्ती करने और अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक करने और उसके चिकिस्तक की भर्ती करने आदि मांगो को लेकर पूरे प्रदेश मे प्रदर्शन किया। तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे।महिला समिति ने पूरे प्रदेश मे स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ और डॉक्टर को भर्ती के लिए जनजागरण अभियान चलाया है। ये अभियान तब तक चलेगा जब तक सरकार सभी अस्पतालों में महिला व शिशु रोग विशेषज्ञों की भर्ती नही कर लेती।
शिमला के एकमात्र मातृ एवं शिशु अस्पताल कमल नेहरू अस्पताल के बाहर अल्ट्रासाउंड का अपना डॉक्टर तक नही है। जिसके कारण महिलाओ को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज का रुख करना पड़ता है। प्रदेश के निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड के 1200 से 1400 रुपये तक गरीब महिलाओ को चुकाना पड़ता है। पूरे प्रदेश ने अस्पतालो से की कमाई करने वाली लैब को निजी हाथों में सौंप दिया है। गत रोज जब सरकार ने अपना बजट पेश किया है तो साफ झलक रहा था कि सरकार महिला स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील नही है। प्रदेश के कुल्लू व मंडी जिला के देहात में सड़के न होने के कारण लोगो को अभी भी गर्भवती महिलाओं को चारपाइयों व कुर्सी पर उठाकर अस्पताल पहुंचने पड़ता है जिससे माता व शिशु की जान को खतरा बना रहता है।सरकार स्वास्थ्य को निजी हाथों में बेच रही है सरकार धन को ढांचे बनाने में लगा रही है जबकि उसका फायदा उनके चहेते ठेकेदारों के सिवा किसी को नही मिल रहा है। इसके उलट अस्पतालों में पैरा मेडिकल स्टाफ की स्थिति बिगड़ी हुई है।
जनवादी महिला समिति प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग है कि इस ओर तुरंत ध्यान दिया जाए अन्यथा प्रदेश में महिलाओं को मजबूर होकर सड़को पर उतरना पड़ेगा। इन प्रदर्शनों में राज्य की ओर से शिमला में रीना सिंह व सोनिया शुबरवाल सोलन के संतोष कपूर, सिरमौर में अमिता चौहान, मंडी के जयवंती शर्मा व वीना वैद्य, कुल्लू में फालमा चौहान, हमीरपुर के ब्रह्मी देवी व रमा, उपस्थित रही।
