संत श्री रविदास धर्म सभा के प्रदेशाध्यक्ष कर्म चंद भाटिया ने कहा की कोरोना वायरस संकट मे लॉकडाउन कर्फ्यू के 70 दिनों में हिमाचली लोगों को पूरी तरह कैद करने के बावजूद हिमाचल सरकार के भाजपा नेताओं सांसदों मुख्यमंत्रियों को किस बात के बेस्ट प्रोफेंस के व अन्य अवार्ड दे पुस्कृत किए जा रहा हैं? अवार्ड है या वार्ड के नाम पर एक मजाक है, अवार्ड की अहमियत को कम करना है ऐसी संस्थाएं भी शंका और संध्या के दायरे में पूर्व गृह से ग्रस्त नजर आती हैं। हिमाचल के हर कारोबारी और अर्थव्यवस्था को भाजपा सरकार ने बिना सोचे समझे प्लान बनाए तबाह कर दिया बर्बाद कर दिया और अवार्ड मिल रहे?और प्रदेश में कई कंपनियां लोग अपने फायदे के लिए कोविड-19 फंड दे रहे हैं ताकि बाद में सरकार उनको फायदा पहुंचाए।
प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम भाजपा संघ सरकार आम हिमाचली नागरिकों के हितों की सुरक्षा करने गैर पंजीकृत हजारों दबे कुचले गरीब कमजोर लोगों छोटे-छोटे दुकानदारों रेहड़ी फड़ी वालों दस्त कारों कामगारों, इंजीनियर बूट रिपेयर, दर्जी मकैनिक सैलून कई कामगारों दबे कूचले लोगों को संकट मे आर्थिक राहत राशि पैकेज जारी करने बिजली पानी कूड़े के बिल माफ करने में पूरी तरह नाकाम रही है। बावजूद इसके हिमाचल सरकार सैनिटाइजर पीपीई किट अन्य स्वास्थ्य स्वस्थ्या कई घोटालों को अंजाम देकर इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार उसके चेहते करोड़ों रुपए बटोरने में लगे रहे। केंद्र से करोड़ों रुपया आया रिलीफ फंड के नाम पर उसका भी आज तक कोई पता नहीं लगा कोविड-19 के नाम पर करोड़ों रुपए इकट्ठा किया गया ।कर्मचारियों पुलिसकर्मियों डॉक्टरों सफाई कर्मचारियों व अन्य महान योद्धाओं पेशनरों की एक दिन का वेतन सैलरी पुलिस कर्मियों के आईआर तक सता के प्रभाव और दबाव में अफसरों के माध्यम से कर्मचारियों पर तानाशाही तरीके से दबाव डालकर काट ली गई अतिरिक्त वेतन तो इन लोगों को सम्मान के रूप में क्या देना?लेकिन जनता को मिला कुछ नहीं, हिमाचल भाजपा सरकार ने जनता के ऊपर संकट के समय ₹1 भी फूटी कोढी खर्च नहीं की। कोविड-19 ठंड में जो पैसा जमा हुआ गरीबों में खर्च करने की वजए उसके मोबाइल खरीदते रही सरकाबाकी ,बाकि पैसा अब इसका कहां खर्चा जाएगा किसी को कोई जानकारी नहीं है।
हिमाचल में जब भी भाजपा की सरकार सत्ता में आती है तो सरकार को बिना किसी कार्य के मशरूम की खेती की तरह विभिन्न तरह की संस्थाएं पत्रिकाएं बिना किसी कार्य के रेबडियों की तरह अवार्ड बांटने और पुरस्कृत करने मंदिर के प्रसाद की तरह बांट कर जनता को गुमराह करने आरंभ कर देती देती हैं। भाजपा के जो सांसद लॉकडाउन कर्फ्यू के बीच कायदे कानूनों नियमों का उल्लंघन करके रामस्वरूप शर्मा दिल्ली से मंडी पहुंच गए अपने साथियों के साथ उनको अवार्ड मिल रहे हैं हिमाचल में बड़े-बड़े घोटाले इस संकट काल में हो गए जिसमें मुख्यमंत्री जयराम भाजपा सरकार के स्वास्थ्य निदेशक अंदर हैं और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को राजीव बिंदल से इस्तीफा लेना पड़ा भाजपा का एक गुट दूसरे गुट को पटखनी देने में सफल हो गया ।स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों का घोटाला हो गया रिश्वतखोरी हो गई क्या इस खुशी सफलता मे विदेश से संस्थाएं अवार्ड दे रही है?क्या अवार्ड की यही परिभाषा है?? अवार्ड देने वाली संस्थाएं भी भाजपा के रंग में रंगी हुई लगती है। कोरोना संकट में जनता की बहुत बुरी दुर्दशा हुई इसकी एवज में अवार्ड मिल रहे?
