धर्मशाला। प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश हाई अलर्ट पर है। इसी बीच कोरोना वायरस की दहशत के बीच तिब्बती स्कूलों को बंद कर दिया गया है। दरअसल, इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी विदेश में ही फंस गए हैं। दो माह की छुट्टियों के बाद अब स्कूल खुलने का समय था अौर विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों से भारत अाना था। किसी भी तरह के कोरोना वायरस के संकट से बचने के लिए निर्वासति तिब्बती सरकार व प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए विद्यार्थियों की छुट्टियों को दो माह तक अौर बढ़ा दिया है।
अकसर छुट्टियों के दौरान विद्यार्थी नेपाल, भूटान, थाईलैंड समेत अन्य देशों में चले जाते हैं। छुट्टियों के बाद इन विद्यार्थियों ने वापस अपने स्कूलों में अाना था, लेकिन इससे पहले ही छुट्टियों के अादेश जारी कर दिए हैं। ये बच्चे जिला कांगड़ा व मंडी में निर्वासित तिब्बती सरकार की अोर से संचालित टीसीवी स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। इसलिए एहतियात के तौर पर तिब्बतियन चिल्ड्रन विलेज स्कूल (टीसीवी) में दो माह की और छुट्टियां कर दी गई हैं। यह स्कूल तीन मार्च से खुल रहे थे, लेकिन अब यह स्कूल तीन मई को खुलेंगे।
मैक्लोडगंज में भी कोरोना वायरस से बचने के लिए एहतियात
कोरोना वायरस को लेकर एहतियात के चलते तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने अपनी टीचिंग को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। मैक्लोडगंज पर्यटन स्थल है अौर यहां पर अकसर विदेशी पर्यटकों का अावागमन रहता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग की अोर से जारी एडवाइजरी में एेसे स्थानों पर भी एहतियात रखने के निर्देश दिए गए हैं।भारत व दक्षिण अफ्रीका की टीम के बीच 12 मार्च को होने वाले वनडे सीरीज के पहले मैच पर भी कोरोना वायरस का साया है। यहां पर अाने वाले देशी व विदेशी मेहमानों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें सचेत हैं। वहीं विदेशी मेहमानों से कोरोना वायरस व उनकी सुरक्षा व एहतियात ने चिंता बढ़ाई है।
