शिमला।आज से शुरू होने वाले बजट सत्र तीन साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दों का धरातल बनेगा। सरकार इस बजट सत्र में विकास कार्यों के बखान पर जोर देगी तो विपक्ष ने सरकार की कमजोरियों पर वार करने की पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश सरकार का यह तीसरा बजट सत्र है। इस दौरान भाजपा व कांग्रेस जनता के मन में बसने का प्रयास करेंगे। इस दौरान सत्तारूढ़ भाजपा की जो छवि बनेगी, वह फिर आगे बढ़ती चली जाएगी। विपक्ष सरकार की कारगुजारियों में खामियां निकालकर धज्जियां उड़ाने का प्रयास करेगा। इस बार समूचा सत्र सस्ती शराब और सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर केंद्रित रहेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं कि सरकार ने सस्ती शराब करके हिमाचल को थाईलैंड बनाने का काम किया है। सस्ती शराब के साथ-साथ यदि कुछ और भी बच गया है तो उसे भी पूरा कर दे। जबकि पारदर्शिता से काम कर रही प्रदेश सरकार झूठ की राजनीति को कतई भी बर्दास्त करने को तैयार नहीं है। सरकार बुजुर्गाें को 1500 रुपये मासिक पेंशन, जनमंच की अपार सफलता और सीएम हेल्पलाइन के साथ-साथ समग्र विकास को सामने रखेगी। भाजपा ने निर्णय लिया है कि वह कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब देगी। सस्ती शराब करके सरकार क्या साबित करने का प्रयास कर रही है। ऐसा लगता है कि सस्ती शराब का मतलब है कि सरकार हिमाचल को थाईलैंड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। विपक्ष में रहते हुए भाजपा को कर्ज बहुत याद आता था। अब सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उठाकर रिकॉर्ड कायम कर दिया है। आयुर्वेद घोटोले को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
