बद्दी। दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से IEC यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मेसी द्वारा 21 से 25 सितंबर तक छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस पांच दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दवाओं के दुष्प्रभावों की पहचान, उनकी समय पर रिपोर्टिंग और मरीजों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
इस वर्ष फार्माकोविजिलेंस सप्ताह की थीम “दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना: फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की ओर एक कदम” तय की गई है।
कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ 21 सितंबर को सुबह 10:30 बजे विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में होगा, जिसमें शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक पुरी ने आयोजन टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को दवाओं के जिम्मेदार और सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पांच दिनों की गतिविधियों की रूपरेखा
| तिथि | प्रस्तावित गतिविधियां |
| 21 सितंबर | उद्घाटन समारोह एवं क्विज प्रतियोगिता |
| 22 सितंबर | नुक्कड़ नाटक (Street Play) के जरिए दवा सुरक्षा का संदेश |
| 23 सितंबर | CME / कॉन्फ्रेंस और डिबेट (वाद-विवाद) |
| 24 सितंबर | पोस्टर एवं लीफलेट प्रतियोगिता |
| 25 सितंबर | वॉकाथॉन और सांस्कृतिक कार्यक्रम (समापन) |
आयोजकों के अनुसार, इस पूरे आयोजन में लगभग 100 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य फार्मेसी के विद्यार्थियों को दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों (Adverse Drug Reactions) की पहचान व रिपोर्टिंग के महत्व से अवगत कराना है, ताकि समाज में सुरक्षित एवं जिम्मेदार स्वास्थ्य सेवाओं का संदेश दिया जा सके।
