शिमला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने 23 सितंबर को शिमला में हुई एक प्रेस वार्ता के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर कड़ा एतराज जताया है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महामंत्री इंद्र पाल शर्मा और अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रति अशोभनीय टिप्पणियां उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली हैं।
समिति ने आरोप लगाया कि प्रेस वार्ता में एक पेंशनर नेता ने सेवानिवृत्त शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें एबीसी तक का पता नहीं है और वे अनपढ़ हैं। समिति का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी से वरिष्ठ पेंशनरों और विशेष रूप से समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा के सम्मान को ठेस पहुंची है।
समिति ने संबंधित नेता से शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त सभी शिक्षकों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाएगा। समिति ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।
समिति के मुताबिक भूप राम वर्मा पदाधिकारियों के प्रोटोकॉल में तीसरे स्थान पर हैं और उन्हें शिमला मुख्यालय में महासचिव के दायित्वों के निर्वहन के लिए अधिकृत किया गया है। समिति ने संबंधित नेता के सामाजिक बहिष्कार और घेराव का निर्णय लेने की भी बात कही है। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर जल्द ही इस मामले को लेकर प्रेस वार्ता करेंगे।
