शिमला, 1 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित भुगतानों का मामला तूल पकड़ने लगा है। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सरकारी अधिसूचना लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए गहरी नाराजगी जताई है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर पेंशनर्स के लंबित भुगतानों की अदायगी नहीं की गई तो विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा और घेराव की रणनीति बनाई जाएगी।समिति के प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने जारी प्रेस बयान में कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चतुर्थ श्रेणी के पेंशनर्स के भुगतानों की अदायगी के संबंध में कई महीने पहले अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है। इस कारण विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके देय भुगतानों का लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे पेंशनर्स में विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति रोष बढ़ रहा है। सरकार की ओर से निर्णय और अधिसूचना जारी होने के बावजूद उसका लाभ संबंधित पेंशनर्स तक नहीं पहुंचना गंभीर विषय है।वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिन का समय दिया जा रहा है। इस अवधि में यदि पेंशनर्स के लंबित भुगतानों की अदायगी नहीं हुई तो समिति विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ सख्त रणनीति तैयार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति इस मामले में विश्वविद्यालय पेंशन संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और पेंशनर्स के हितों के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
