शिमला। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए शिमला पुलिस अब तस्करों की अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों पर भी कार्रवाई कर रही है। एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के तहत आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में तीन मामलों में करीब 40.5 लाख रुपये की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की गई हैं।बालूगंज थाने के एफआईआर नंबर 27/26 में करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। मामले में सात ग्राम चिट्टे के साथ आरोपी अविनाश चौहान की गिरफ्तारी के बाद विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया।
जांच में विशाल यादव और उसके भाई के नाम से नशे के कारोबार से अर्जित धन से संपत्ति खरीदने की बात सामने आई। अप्रैल 2026 में भाई के नाम करीब 22 लाख रुपये की स्कॉर्पियो-एन खरीदी गई थी। विशाल के खाते में करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन भी मिला।रामपुर के दो मामलों में करीब 9.5 लाख और 8 लाख रुपये की संपत्तियां सीज की गईं। इनमें वाहन, मोटरसाइकिल, स्कूटी और वित्तीय राशि शामिल है। पुलिस के अनुसार, इनका वैध आय स्रोत सामने नहीं आया।पुलिस के मुताबिक, 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में 12.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। वहीं 2024 और 2025 में ऐसी कोई वित्तीय जांच नहीं की गई थी।
