हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। 12 नवंबर को राज्य की 68 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। सभी पार्टियों के प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 8 दिसंबर को होगा, जब हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा की जाएगी। साथ ही आएगा नालागढ़ विधानसभा सीट का परिणाम भी आएगा। अभी फिलहाल सभी पार्टियां बहुमत प्राप्त करने के लिए चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। जिले की नालागढ़ विधानसभा सीट 2017 में हुए चुनावों में कांग्रेस के लखविंदर राणा ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस प्रत्याशी लखविंदर राणा ने बहुत कम वोटों के अंतर से भारतीय जनता पार्टी के के.एल ठाकुर को हराया था। पिछले चुनावों में लखविंदर राणा को जहां 36.8 प्रतिशत वोट मिले थे वहीं भाजपा प्रत्याशी के.एल ठाकुर को 35 फीसदी वोट मिले थे। कांग्रेस के जीते हुए प्रत्याशी लखविंदर राणा ने पार्टी छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया था। बीजेपी ने नालागढ़ सीट से राणा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
के.एल ठाकुर ने विरोध में छोड़ी बीजेपी
कांग्रेस विधायक लखविंदर राणा को नालागढ़ से भाजपा से टिकट मिलने के बाद भाजपा नेता ने नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। 2017 में बीजेपी ने नालागढ़ से ठकुरी को अपना प्रत्याशी बनाया था लेकिन भाजपा की उम्मीदों पर ठाकुर खरे नहीं उतर पाए थे। कांग्रेस का दामन छोड़कर पार्टी में नए आए वर्तमान विधायक लखविंदर राणा को भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनावों के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है। यही कारण है कि इस सीट का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। इस सीट पर कांग्रेस फिर से अपना परचम लहराएगी या बीजेपी को लखविंदर राणा के आने से फायदा होगा ये देखने वाली बात होगी। भाजपा से टिकट ना मिलने के बाद के.एल. ठाकुर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और एक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल करने का निर्णय लिया। ठाकुर के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भारतीय जनता पार्टी को नुकसान हो सकता है। वहीं कांग्रेस ने इस बार नालागढ़ से हरदीप सिंह बवा को अपना प्रत्याशी बनाया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के पूर्व नेता और विधायक लखविंदर राणा और हरदीप सिंह बवा में से किसी की जीत होगी या निर्दलीय चुनाव लड़ रहे भाजपा के बागी के.एल ठाकुर की चमकेगी किस्मत। ये फैसला 8 दिसंबर को आने वाले चुनाव परिणामों के बाद ही होगा।
