सोलन : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री चंद्रेश कुमारी ने कहा आज मेरे राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे हुए हैं। कांग्रेस को मजबूत करने में अपना योगदान देती रहूंगी। सोनिया गांधी से मिलकर कहूंगी की हिमाचल में सबको मिलकर काम करेंगे तो हिमाचल में सभी सीट आराम से जीत सकते हैं। 78 वर्षीय चंद्रेश कुमारी ने कहा 2022 में चुनाव कौन लड़ेगा यह पार्टी तय करेगी। पार्टी जहां चाहेगी वह वहां कार्य के लिए तैयार हैं।
मेरे पिता की एयर क्रैश में मृत्यु की बाद बाद से ही पूरा परिवार समाज सेवा में लग गया। 1968 में मेरी शादी हुई तो पहली बार लंबागांव आई। यहां न पानी, न बिजली न सड़कें थीं। तब से फैसला किया था कि समाज के लिए कुछ न कुछ करूंगी। 70 के दशक में मेरी माता सांसद बनी। 1972 में बमसर से चुनाव लड़ा, जहां पहाड़ों में होते हुए भी रेगिस्तान था। मैंने उस चुनाव में पूरा क्षेत्र देखा। पहली बार जीती थी प्लान बनाया और केंद्र की पेयजल योजना के तहत 40 लाख रुपये मिले। पहले चरण में 40 मिले पर बाकी पैसा नहीं था। उसके बाद व्यवस्था बनाई। 1977 में संसद चुनाव आया। 1984 में मुझे थुरल से मुझे चुनाव लड़ाया, वहां भी जीती। जीतकर मैंने थुरल का चंगर क्षेत्र सड़कों से जोड़ना शुरू किया।
इसके बाद पर्यटन और खेल मंत्री थी। पर्यटन में काफी काम किया। बीड़ बिलिंग में हैंड ग्लाइडिंग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता करवाई। चंद्रेश कुमारी ने कहा वह पहली हिमाचली महिला थी, जिसे कांग्रेस राष्ट्रीय दायित्व दिया गया था। 1986 में राज्य सभा सदस्य बनाया। 1999 में सोनिया गांधी ने महिला कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया। उसके बाद हिमाचल वापसी की और धर्मशाला से लड़कर चुनाव जीता और स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया।
