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शिमला : शिमला में बस ड्राइवर कंडक्टर यूनियन ने 16 अगस्त को 1 दिन की सांकेतिक हड़ताल की घोषणा की है। ऐसे में शहर में लोगों को प्राइवेट बसें नहीं मिलेंगी। जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, कर्मचारियों और बाजार आने वाले लोगों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यूनियन ने सरकार और परिवहन विभाग को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। 2 दिन के अंदर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो 16 अगस्त को वे बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन अध्यक्ष कमल ठाकुर व सचिव अखिल गुप्ता ने कहा कि विभाग व सरकार को 15 अगस्त तक मांगें मानने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन सरकार शनिवार को भी उन्हें वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया। शिमला सिटी प्राइवेट बस ऑप्रेटर्ज यूनियन ने भी चालक-परिचालकों की हड़ताल का समर्थन किया है। यूनियन महासचिव सुनील चौहान ने कहा कि सरकार जब सभी वर्गों के लोगाें व कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर मांगों को पूरा कर रही है तो प्राइवेट बस चालक-परिचालकों की मांगों को क्यों अनसुना कर रही है।

आपको बता दे कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) और निजी बसों में सफर करने के लिए न्यूनतम किराया पांच रुपये तय कर दिया है। इससे पहले तीन किलोमीटर सफर करने पर सवारियों को सात रुपये न्यूनतम किराया देना पड़ता था। प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं।

दो किलोमीटर तक पांच रुपये न्यूनतम किराया देने के बाद सवारियों से प्रति किलोमीटर 2 रुपये 19 पैसे के हिसाब से किराया वसूला जाएगा। अगर किसी ने तीन किलोमीटर सफर करना है तो उन्हें सात रुपये किराया देना होगा।

वहीं, निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा कि सरकार केवल वोटों की राजनीति के लिए निजी बस संचालकों के पेट पर लात मारने का काम किया है। जब ईंधन से लेकर हर चीज के दाम बढ़े हैं तो किराया कम होने की जगह बढ़ना चाहिए। इस मामले पर निजी बस संचालक यूनियन सरकार की तरफ से न्यूनतम किराया सात से पांच रुपये करने का विरोध करती है।

उन्होंने कहा कि दो तीन दिन के भीतर निजी बस ऑपरेटरों की बैठक बुलाई जा रही है। इसमें निजी बसों को नहीं चलाने का फैसला लिया जाएगा और 16अगस्त को शिमला में कोई भी निजी बस नहीं चलेगी।

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