सोलन।सोलन पीजी कॉलेज स्टाफ में करोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। स्टाफ पिछले दो माह से कॉलेज में बीए व एमए की परीक्षाएं करवा रहा है। लगातार ड्यूटी के कारण सोलन पीजी कॉलेज का स्टाफ लगातार करोना की जद में आ रहा है। कॉलेज स्टाफ के एक कर्मचारी की पत्नी का हाल ही में करोना संक्रमण के कारण देहांत हो गया है। वर्तमान में कॉलेज स्टाफ के चार लोग करोना की लड़ाई लड़ रहे हैं और 8 से 10 लोगों में करोना के लक्षण पाए जा रहे हैं,जिसके कारण उन्हें आइसोलेट किया गया है। ऐसे में सात अक्टूबर से फिर पीजी कॉलेज में बीएड और एमएड की परीक्षाएं शुरू हो रही है,जिससे सोलन कॉलेज में करोना विस्फोट होने की संभावना प्रबल हो गई है। ऐसे में अपने, अपने परिवार और यहां परीक्षा देने आने वाले परीक्षार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश महाविद्यालय शैक्षिक संघ की सोलन इकाई ने एचपी यूनिवर्सिटी को एक ज्ञापन प्रेषित कर बीएड व एमएड कीहोने वाली परीक्षाओं में ड्यूटी देने में अपनी असमर्थता जताई है।
वीरवार को एचपी यूनिवर्सिटी शिमला केप्रशासन को भेजे ज्ञापन में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार ठाकुर और सोलन पीजी कॉलेज इकाई के अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र वर्मा ने बताया कि सोलन पीजी कॉलेज में चल रही यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं चल रही है। विदित है कि पिछले दो महीनों में स्नातक और परास्नातक स्तरीय परीक्षाएं आयोजित हो रही है। सोलन पीजी कॉलेज में सोलन को इन परीक्षाओं के लिए केंद्र बनाया गया है। कोविड-१९ के इस दौर में भी पीजी कॉलेज का समस्त स्टाफ अपने कर्तव्य का निवर्हन कर रहा है। सोलन में अब कोविड-19 संबंधी संक्रमण की घटनाएं बढ़ गई है। पिछले दिनों महाविद्यालयपविार के एक सदस्य की पत्नी का कोविड-१९ संकरमण से देहांत हो गया। वर्तमानमें कॉलेज के चार सदस्य संक्रमित है। आठ से दस कर्मचारियों में लक्षण आने प्रारंभ हो गए हैं. उन्हें आइसोलेट के लिए कहा गया है। इस प्रकार लगातार परीक्षाओं में ड्यूटी देने से स्टाफ के सदस्य करोना संक्रमण की जद में आ रहे हैं। इस स्थिति में आग ेकी परीक्षाओं करवाना मुश्किल हो रहा है।
अत: पीजी कॉलेज सोलन के शैक्षिक संघ की सोलन इकाई ने वीरवार को सभा सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि हम आगे की परीक्षाओं में ड्यूटी नहीं दे पाएंगे। यदि स्टाफ ड्यूटी निरंतर लगती रही तो न केवल परिवारों बल्कि परीक्षार्थियों के संक्रमित होने की आशंका है। अत: यूनिवर्सिटी प्रशासन से अनुरोधहै कि वे आगे की परीक्षाओं के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करें।
