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किन्नौर. भारत और चीन (Indo-China clash) के सैनिकों के बीच लाइन ऑफ एक्शन कंट्रोल (LAC) पर एक बार फिर से झ़ड़प के बाद तनाव बढ़ा है. इसके बाद से जहां बॉर्डर (Border) पर सरगर्मियां तेज हुई है. वहीं, चीन के वाले तिब्बत बॉर्डर पर वायुसेना गश्त बढ़ाई है. भारतीय वायुसेना के विमान अब हिमाचल प्रदेश के किन्नौर (Kinnaur) और लाहौल स्पीति जिले में तिब्बत बॉर्डर (Tibet Border) के पास गश्त कर रहे हैं.

किन्नौर में तिब्बती सीमा पर मंगलवार सुबह आसमान पर भारतीय लड़ाकू और सैन्य विमानों की आवाजाही देखी गई है. इसके अलावा, शिमला में भी सैन्य विमानों की हलचल नोट की गई है.

चीन ने बनाई है सड़क; हिमाचल के किन्नौर जिले के साथ तिब्बत बॉर्डर लगता है. चीन ने सीमा से सटे किन्नौर जिला के मोरंग घाटी क्षेत्र के कुनु चांग से आगे खेमकुल्ला पास की ओर सड़क बनाई है. दो किलोमीटर के नो मेन्स लैंड क्षेत्र में भी चीन के सड़क निर्माण की आशंका है. बीते माह चारंग गांव का 9 सदस्यीय दल और अर्धसैनिक बल के कुछ जवान गांव से करीब 22 किलोमीटर ऊपर बार्डर की ओर गए थे. यहां पर जवानों ने सड़क निर्माण में लगी मशीनरी देखी थी. सांगला घाटी के छितकुल के पीछे तिब्बत के यमरंग ला की ओर भी सड़क निर्माण किया गया है. वहीं, किन्नौर के कुन्नू चारंग गांव के समीप रंगरिक टुम्मा तक सीमा पार से कई बार अंधेरा होते ही ड्रोन या कोई अन्य यूएफओ की तरह आने की शिकायत की बात भी सामने आई है.

242 किमी बॉडर एरिया: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और और लाहौल स्पीति में 242 किमी का इलाका तिब्बत सीमा से लगती है. यहां पर स्पीति में समधो बॉर्डर है. समधो बॉर्डर पर मार्च और अप्रैल में चीनी हेलिकॉप्टरों की आवाजाही देखी गई थी.

हिमाचल में चिनूक की धमक: बता दें कि बीते माह शिमला में सेना ने अत्याधूनिक चिनूक हेलिकॉप्टर भी अन्नाडेल मैदान पर उतारा था. पहली बार चिनूक ने हिमाचल की जमीन पर दस्तक दी थी.

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