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मडी। आबकारी नीति-2020-21 के तहत शराब के दाम घटाने के फैसले पर प्रदेश सरकार ने सफाई दी है. जयराम कैबिनेट में कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा का कहना है कि प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने शराब के दामों में कटौती की है. साथ ही बार और होटल रात दो बजे तक खुला रखने का निर्णय लिया गया है.डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना में पड़ोसी राज्य काफी कम कीमत पर शराब बेच रहे हैं. ऐसे में प्रदेश में आने वाला पर्यटक पड़ोसी राज्यों से शराब साथ ले आते हैं, जिससे प्रदेश के राजस्व को घाटा झेलना पड़ता है. प्रदेश में आने वाला पर्यटक यहीं की शराब पीए, इसलिए शराब के दामों में कटौती की गई है।

वहीं, दूसरे राज्यों में सुबह चार बजे तक बार खुले रहते हैं. उसकी तुलना में प्रदेश में रात 2 बजे तक बार खुले रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि यहां के होटल कारोबारी भी पर्यटकों की मनमानी से परेशान न हो सकें. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यह नई आबकारी नीति पहले से बना रखी थी, लेकिन इसे अब 1 अप्रैल से लागू करने का निर्णय लिया गया है.डॉ. मारकंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार का सर्वाधिक राजस्व इसी माध्यम से प्राप्त होता है, इसलिए सरकार को ऐसा निर्णय लेना पड़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्रदेश में नशाखोरी को बढ़ावा देने की कोई मंशा नहीं है।

डॉ. मारकंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशाखोरी के खिलाफ जो अभियान छेड़ रखा है, वह लगातार जारी रहेगा. नई नीति के तहत प्रदेश के लोगों को शराब का सेवन करने के प्रति कतई भी प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा. यह सिर्फ टूरिज्म के लिहाज से लिया गया निर्णय है.बता दें कि हाल ही में हुई राज्य सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति को लागू करने का निर्णय लिया गया. इस नीति की प्रदेश भर में आलोचना हो रही है. कैबिनेट ने वर्ष 2020-21 के लिए खुदरा आबकारी ठेके (रिटेल एक्साइज वैंडस) के नवीकरण को भी मंजूरी दी है. इससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी और शराब की कीमतों में कमी आएगी. साथ ही पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी रोकने में मदद मिलेगी. नई आबकारी नीति में शराब निर्माताओं/बॉटलर्स द्वारा रिटेल लाइसेंसियों को देशी शराब का 30 प्रतिशत कोटा प्रदान करने का प्रावधान है. रिटेल लाइसेंसी शेष 70 प्रतिशत कोटा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ता से ले सकते हैं।

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