Spread the love

जवाली| हिंदू धर्म में धनतेरस पूजा का विशेष महत्त्व है। इस दिन को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस को एक शुभ दिन माना जाता है। इस दिन शुभ चीजों की खरीदारी भी की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सोना-चांदी आदि चीजों को खरीद कर घर लाने से साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है। ज्योतिष क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा चुके जवाली के ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को रात्रि 12:35 बजे शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 1:57 बजे समाप्त होगी।

ऐसे में धनतेरस का त्योहार 10 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन प्रदोष काल शाम 5:30 से 08:08 बजे तक रहेगा। इस दौरान देवी लक्ष्मी, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि की पूजा करना शुभ रहेगा। धनतेरस में खरीदारी का शुभ समय 10 नवंबर को दोपहर 12:35 से 11 नवंबर को दोपहर 1:57 बजे तक रहेगा। ऐसे में इस शुभ समय पर सोना-चांदी खरीद सकते हैं। अगर आप धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त देखकर खरीदारी करते हैं, तो साल भर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

धनतेरस का महत्त्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसलिए इस खास दिन पर धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। साथ ही इस दिन धन के देवता कुबेर और भगवान धन्वंतरि की भी पूजा की जाती है। धनतेरस पर सोने-चांदी की चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

You missed