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कांगड़ा। क्षेत्र के हगवान गांव में कुछ लोगों ने वर्षों पुराना मंदिर तोड़ दिया। यह मंदिर कुट्टा वाली माता के नाम से प्रसिद्ध था। एक बाबा पर मंदिर तोडऩे के लिए लोगों को उकसाने का आरोप लगा है। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी मच गई है। इसके बाद सैकड़ों लोग घटनास्थल पर इकट्ठे हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। वहां लोगों को एकत्र होता देख मंदिर तोड़ रहे कुछ लोग भाग निकले, जबकि कुछ को पकड़ लिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। आरोप लगा है कि मंदिर से करीब 300 मीटर दूर मलपुर जंगल में कुटिया बनाकर रह रहे बाबा ने कुछ लोगों को मंदिर तोडऩे के लिए उकसाया।

कुटिया में माथा टेकने आने वाले कुछ लोगों ने मंदिर को तोड़ दिया। इस घटना के खिलाफ क्षेत्र के लोगों में रोष है। उन्होंने मंदिर तोडऩे वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों ने गांव हगवान के सैकड़ों साल पुराने कुट्टा वाली माता मंदिर को तोड़ दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। एक बाबा पर मंदिर को तोडऩे के लिए कुछ लोगों को उकसाने का आरोप लगाया जा रहा है। मंदिर गिराने के पीछे क्या कारण रहे इसकी जांच की जा रही है। इसके बाद मंदिर तोडऩे का षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -हरीश गुलेरिया, प्रभारी डमटाल थाना।

कुट्टा वाली माता मंदिर की श्रद्धालु कमेटी के प्रधान ठाकुर मस्तान सिंह ने दावा किया कि मंदिर करीब 120 वर्ष पुराना है। इस स्थान पर वटवृक्ष (बरगद का पेड़) के नीचे माता की पिंडी भूमि से प्रकट हुई थी। स्थानीय लोग माता की पिंडी पर पूजा अर्चना करने आते थे। बताते हैं मनोकामनाएं पूरी होने के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर के साथ जुड़ गई। श्रद्धालुओं के सहयोग से माता की पिंडी वाले स्थान पर पक्का मंदिर बनाया गया था। यहां अप्रैल के पहले मंगलवार को भंडारा करवाया जाता है। करीब 10 वर्ष पहले मंदिर कमेटी की तरफ से मंदिर में बिजली का मीटर लगा कर लाइटों की व्यवस्था की गई थी।

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