हिमाचल प्रदेश में अब ड्रोन उड़ाने के लिए अब ड्रोन पायलट का लाइसेंस लेना अब अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस कोई भी व्यक्ति प्रदेश में अब ड्रोन नहीं उड़ा पाएगा। प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर में खुलने जा रहे ड्रोन स्कूल में बाकायदा इसका कोर्स करवाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद इसका शुभारंभ होगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने सुंदरनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आइटीआइ शाहपुर में सरकार ड्रोन स्कूल शुरु करने जा रही है। विधानसभा में इसके लिए अधिनियम पास किया है। कैबिनेट से भी इसे मंजूरी मिल चुकी है। ड्रोन स्कूल में दसवीं पास कोई भी व्यक्ति सात दिनों तक चलने वाले इस कोर्स के लिए प्रवेश ले सकता है। कोर्स की फीस 50 से 60 हजार रुपये फीस रखी गई है। हालांकि यह अभी तक पूरी तरह से फाइनल नहीं है। पूरी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद फीस को अंतिम रूप किया जाएगा।
ड्रोन को एग्रीकल्चर, सर्विलांस, मेलों, दवा पहुंचाने के साथ अन्य आयोजनों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जो भी इच्छुक व्यक्ति या युवा इस कोर्स को करने के बाद ड्रोन लेना चाहता हो वह मुख्यमंत्री स्वावलंबन स्टार्टअप योजना के तहत ऋण ले सकता है। बिना लाइसेंस व प्रशिक्षण के ड्रोन उड़ाने वालों को जुर्माना भरना होगा। सरकार इसके लिए जुर्माने का प्रविधान किया जाएगा। कोर्स के पूरा होने के बाद अभ्यर्थी को बाकायदा नागरिक उड्डयन निदेशालय से लाइसेंस प्रदान किया जाएगा। बेरोजगार युवा इसका फायदा उठा सकते हैं।
