शिमला। किसी कहानी का अंत बदलना हो या शब्दों के सहारे नई दुनिया रचनी हो, विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता से हर मंच पर प्रतिभा दिखाई। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, चौड़ा मैदान में सोमवार को शुरू हुए दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव ‘वर्ड वीव-2026’ में युवाओं को अपनी सोच और अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिला। अंग्रेजी साहित्यिक सोसायटी की ओर से आयोजित इस महोत्सव में शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के 15 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।महोत्सव की थीम ‘अ टेपेस्ट्री ऑफ स्टोरीज, विजंस एंड वॉयसेस’ रखी गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनकी आलोचनात्मक सोच, लेखन क्षमता और कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। पहले दिन कविता पाठ और शब्दों के सहारे कहानी रचने की गतिविधियों ने प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।रचनात्मक लेखन के तहत निबंध लेखन और पुस्तक के वैकल्पिक अंत लिखने की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं, पुस्तक एवं साहित्यिक ट्रेलर की स्क्रीनिंग, पोस्टर-चार्ट प्रदर्शनी और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन के माध्यम से कहानी कहने के आधुनिक तरीकों को भी सामने रखा गया।महोत्सव की समन्वयक डॉ. पूनम किमता चौहान ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। निर्णायक मंडल में डॉ. दीप्ति पठानिया, डॉ. उपमा शर्मा और डॉ. हरीश भारद्वाज शामिल रहे। पहले दिन का समापन डॉ. अंशु कौशल के धन्यवाद प्रस्ताव और राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंगलवार को महोत्सव के दूसरे दिन की गतिविधियां आयोजित होंगी।
