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शिमला। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के विरुद्ध हुई कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने दिल्ली से हिमाचल प्रदेश तक विरोध-प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने और संबंधित सांसद के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के महिला मोर्चा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश से महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर और कमलेश कुमारी ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व के विरुद्ध नारेबाजी हुई। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हुई और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपने सांसद के विरुद्ध सामने आए गंभीर आरोपों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से इस मामले में सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
हिमाचल के सभी 12 जिलों में विरोध-प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा महिला मोर्चा ने सभी 12 जिलों में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए। शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के पुतले फूंके।इन प्रदर्शनों में भाजपा के विधायक, प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी, महिला मोर्चा पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता शामिल हुए। विभिन्न स्थानों पर महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जब आंच नारी अस्मिता पर आती है, तो हर महिला दुर्गा और चंडी बन जाती है : डेजी ठाकुर
भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने कहा, “जब आंच नारी अस्मिता पर आती है, तो हर महिला दुर्गा और चंडी बन जाती है। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के प्रश्न पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।”उन्होंने कहा कि जेएनयू में 11 छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को अध्यापन सेवा से बर्खास्त किया है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस मामले में क्या संगठनात्मक कदम उठा रहा है।डेजी ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व संबंधित सांसद को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को महिलाओं के सम्मान की बात करने के साथ अपनी पार्टी से जुड़े मामलों में भी जवाबदेही प्रदर्शित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की मांग है कि शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा मिले, मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।डेजी ठाकुर ने कांग्रेस की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने और आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को दूसरों पर सवाल उठाने के साथ अपने राजनीतिक आचरण पर भी जवाब देना चाहिए।उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा का आंदोलन महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर है तथा संगठन इन मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।
जेएनयू मामले में विश्वविद्यालय की कार्रवाई और पुलिस जांच
उल्लेखनीय है कि जेएनयू ने अपनी आंतरिक समिति की जांच के बाद 9 अक्टूबर को कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने भी यौन उत्पीड़न संबंधी आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज की है।हालांकि अकोइजम ने आरोपों को खारिज करते हुए विश्वविद्यालय की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मामले में पुलिस जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी है।महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि शिकायतकर्ता महिलाओं को न्याय दिलाने और राजनीतिक जवाबदेही की मांग को लेकर संगठन अपना विरोध जारी रखेगा।

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