शिमला। हिमाचल में नए जिले के गठन को लेकर विपक्षी दल की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करारा जवाब दिया है। रविवार को सचिवालय आम्र्सडेल भवन के चौथे चरण का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौतियों का सामना वे लोग करते है, जिनमें हिम्मत होती है। सीएम ने कहा कि हम चुनौतियां का सामना करने की हिम्मत रखते हंै। सरकार ने आयोग बिठाया है, तो सभी ब्लॉक, तहसील और जिलों का पुनर्गठन भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या के लिहाज से देखा जाएगा। उसके बाद अगर जिलों के पुनर्गठन की जरूरत हुई, तो किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलों की सीमा और किसी दूसरे जिले के क्षेत्र को अन्य में शामिल किया जाना है, तो उसका भी पुनर्गठन किया जाएगा। आयोग द्वारा विस्तृत अध्ययन करने के उपरान्त रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी और उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए भवन में दो कमरे खाली है और उनमें एक में आयोग के बैठने की व्यवस्था कर दी जाएगी, ताकि जल्द इस पर काम शुरू हो सके। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय आम्र्सडेल भवन चरण-4 के ब्लॉक-1 व 2 का लोकार्पण किया। इस निर्माण कार्य पर लगभग नौ करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्र सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के छह सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में पीजी मेडिकल सीटों की संख्या 277 से बढ़ाकर 597 कर 320 सीटों की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी, शिमला में पीजी सीटों की संख्या में 91 सीटों की वृद्धि कर इन्हें 139 से बढ़ाकर 230 किया गया है। टीएमसी में सीटों की संख्या 99 से बढ़ाकर 156 की गई है। श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मंडी में सीटें 24 से बढ़ाकर 79 की गई हैं। नाहन मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों को तीन से बढ़ाकर 35 किया गया है। चंबा मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या चार से बढ़ाकर 32 की गई है। इसके अलावा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें आठ से बढ़ाकर 65 की गई हैं।
एम्स स्तर की मशीनें उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों को बदलकर स्वास्थ्य संस्थानों को एम्स स्तर की मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। चार वर्ष पहले तक प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सकों की उपलब्धता मात्र 35 प्रतिशत थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 70 प्रतिशत से अधिक किया है। रेडियो डायग्नोसिस सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के उपयोग और विशेषज्ञों की उपलब्धता से प्रतिवर्ष 1000 करोड़ रुपए की बचत होगी।
विश्व में हिमाचलियों की प्रतिभा नेतृत्व क्षमता को मिल रहा सम्मान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कनाडा के ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल में विश्वविख्यात कुल्लू दशहरा के भव्य आयोजन पर लोगों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन को इस आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वभर में भारतीय प्रवासियों द्वारा जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ भारतीय त्योहारों, संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान किया जाता है और उन्हें मनाया जाता है, वह भारतीय मूल्यों तथा पीढिय़ों से चली आ रही ‘विविधता में एकता’ की गौरवशाली विरासत का परिचायक है। बता दें कनाडा में आयोजित कार्यक्रम की मेजबानी ऑरलियंस की सांसद मैरी-फ्रांस लालोंद ने की, जबकि इसका आयोजन एचपीजीए द्वारा 35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों के उत्साहपूर्ण सहयोग से किया गया। सीएम ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि हिमाचल प्रदेश के लोगों के कौशल, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को विश्वभर में सम्मान मिल रहा है।
कनाडा के पीएम ने भी दी बधाई
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कुल्लू दशहरा के अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कनाडा के बहु सांस्कृतिक स्वरूप को समृद्ध बनाने में भारत-कनाडाई समुदाय के योगदान को महत्त्वपूर्ण एवं मूल्यवान बताया।
