बद्दी, 31 अक्टूबर। भ्रष्टाचार समाज के विकास में एक बहुत बड़ी बाधा है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विशेषकर युवाओं को ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए। यह बात एंटी करप्शन ब्यूरो एवं सिक्योरिटी विजिलence (सतर्कता) विभाग के उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने आईईसी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में कही।
जिम्मेदार नागरिक बनाना शिक्षा का मुख्य उद्देश्य
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अशोक पुरी और रजिस्ट्रार डॉ. प्रह्लाद गुप्ता ने विद्यार्थियों के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इस तरह के आयोजन युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों का बोध कराते हैं।
सत्यनिष्ठा की शपथ और पारदर्शिता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि अनिल कुमार ने उपस्थित विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल प्रशासनिक व्यवस्था को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका बुरा असर समाज के प्रत्येक वर्ग पर पड़ता है। इसे रोकने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को अपने व्यवहार में उतारना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
पोस्टर मेकिंग और नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया संदेश
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया:
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता: विद्यार्थियों ने भ्रष्टाचार उन्मूलन, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे गंभीर विषयों पर सुंदर पोस्टर बनाकर समाज को जागरूक रहने का संदेश दिया।
नुक्कड़ नाटक: इसके माध्यम से भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया, जिसमें यह संदेश दिया गया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में समाज के हर एक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की इन रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदारी और नैतिकता की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने ईमानदारी, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के मूल्यों को अपनाने तथा एक भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के निर्माण में अपना पूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया।यदि आप इसमें कोई बदलाव या विशेष संशोधन चाहते हैं, तो अवश्य बताएं!
