सोलन। डा. वाईएस परमार बागबानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में पांच शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाने को लेकर सोमवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। नोटिस जारी किए जाने का कारण जानने के लिए शिक्षक कुलपति कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें कुलपति से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद शिक्षकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। स्थिति बिगडऩे पर पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। बता दें कि शिक्षकों के अनुसार, दो अक्तूबर को गण की सेर में राज्यपाल का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पांच शिक्षक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वहां गए थे। शिक्षकों का कहना है कि दो अक्तूबर को अवकाश था और वे विश्वविद्यालय के किसी आधिकारिक कार्यक्रम में नहीं, बल्कि निजी तौर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गण की सेर गए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि सोमवार को शिक्षक नोटिस के संबंध में जानकारी लेने के लिए कुलपति कार्यालय पहुंचे व सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें कुलपति कार्यालय में जाने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। दूसरी ओर, कुलपति एचएस बवेजा ने कहा कि सुबह करीब 10:25 बजे कुछ लोग बाहर हंगामा कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें स्थिति को देखते हुए कमरे में रहने की सलाह दी। कुलपति ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी और उपायुक्त सोलन को मामले की शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पगड़ी उछलने का डर था, इसलिए उन्होंने खुद को कमरे में बंद किया। सूचना मिलने पर सोलन पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय धीरे-धीरे राजनीति का अखाड़ा बनता जा रहा है, जो विश्वविद्यालय के हित में नहीं है। विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन जारी है। कुलपति के अनुसार, घटना की सूचना तत्काल डीजीपी और एसपी को दी गई। साथ ही मुख्य सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई। शिक्षकों का कहना है कि वे केवल नोटिस जारी किए जाने का कारण जानना चाहते थे और प्रशासन से नियमों के आधार पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षकों ने पूछा, प्रशासन बताए, कौन से नियम तोड़े
शिक्षकों ने नोटिस जारी करने के आधार और संबंधित नियम की जानकारी मांगी है। शिक्षकों ने कहा कि है कि यदि अवकाश के दिन निजी तौर पर किसी कार्यक्रम में जाना विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन माना गया है, तो प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि किस नियम या प्रावधान के तहत नोटिस जारी किए गए।
स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सुरक्षा संबंधी चिंता जताई गई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच अब विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी नोटिस और उसके आधार को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
