राज्यपाल बोले, डिग्री समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व का प्रतीक
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गंभीर बीमारी का मतलब वर्षों तक चंडीगढ़ या दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों तक लंबी यात्रा करना होता था। इलाज के लिए परिवारों को अपने खेत, व्यवसाय, घर और बच्चों को पीछे छोड़ना पड़ता था। एम्स बिलासपुर इस स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान केवल मरीजों के उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि देश और समाज की सेवा के लिए प्रशिक्षित चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान तीनों क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है। कविंद्र गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत में मिलने वाली उपाधि महज प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व का प्रतीक है। चिकित्सक के लिए मरीज केवल एक मामला नहीं, बल्कि एक परिवार की आशा और विश्वास होता है। इसलिए ज्ञान और तकनीक के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता और सेवा भाव को अपने कार्य के केंद्र में रखना होगा।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गंभीर बीमारी का मतलब वर्षों तक चंडीगढ़ या दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों तक लंबी यात्रा करना होता था। इलाज के लिए परिवारों को अपने खेत, व्यवसाय, घर और बच्चों को पीछे छोड़ना पड़ता था। एम्स बिलासपुर इस स्थिति को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान केवल मरीजों के उपचार का केंद्र नहीं, बल्कि देश और समाज की सेवा के लिए प्रशिक्षित चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान तीनों क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है। कविंद्र गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत में मिलने वाली उपाधि महज प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व का प्रतीक है। चिकित्सक के लिए मरीज केवल एक मामला नहीं, बल्कि एक परिवार की आशा और विश्वास होता है। इसलिए ज्ञान और तकनीक के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता और सेवा भाव को अपने कार्य के केंद्र में रखना होगा।
