शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मई 2026 में हुए पंचायती राज चुनावों के बाद जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर दायर याचिका पर विस्तृत सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि आगामी विधानसभा सत्र के कारण जिलाधीश शिमला की व्यस्तता को देखते हुए जिला परिषद की आगामी बैठक 10 सितंबर को निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है।न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने मामले पर सभी पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका में प्रशासन पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता ममता और 12 अन्य नवनिर्वाचित सदस्यों ने यह याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से उपायुक्त शिमला को जल्द से जल्द वैधानिक बैठक बुलाकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करवाने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
