शिमला। सरकार ने दूसरे चरण में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत अलग-अलग श्रेणियों के 3,100 शिक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य शिक्षण संकाय को मजबूत करना, विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और सीबीएसई पाठ्यक्रम अपनाने वाले सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि पेशेवर अंग्रेजी और गणित शिक्षकों की भर्ती के लिए बनाई गई उप-योजना के तहत 600 शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा, जिनमें 240 अंग्रेजी शिक्षक और 360 गणित शिक्षक शामिल हैं।उन्होंने बताया कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति योजना के तहत 2,500 शिक्षकों को निश्चित मानदेय/समेकित राशि के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। इनमें 240 हिंदी शिक्षक, 199 राजनीति विज्ञान शिक्षक, 199 इतिहास शिक्षक, 202 अर्थशास्त्र शिक्षक, 120 भौतिक विज्ञान शिक्षक, 120 रसायन विज्ञान शिक्षक, 240 जीव विज्ञान शिक्षक, 240 संस्कृत शिक्षक, 120 कंप्यूटर शिक्षक, 120 संगीत शिक्षक, 240 वाणिज्य शिक्षक, 240 शारीरिक शिक्षा शिक्षक और 220 ललित कला शिक्षक शामिल हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि इन शिक्षकों का चयन हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। चयनित शिक्षकों को 30,000 रुपये का निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा।शिक्षण मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने अंग्रेजी और गणित शिक्षकों के पदों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा को अनिवार्य योग्यता बनाने का भी निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखु ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी स्कूलों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक स्तर को सुधारने और राज्य भर के छात्रों के लिए शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे, शिक्षण मानकों और सीखने के परिणामों में सुधार के लिए आवश्यक सुधार कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनके सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस करने के लिए प्रगतिशील कदम उठाना जारी रखेगी।
