शिमला, 18 अक्टूबर 2026। सेंट एडवर्ड्स स्कूल, शिमला में वरिष्ठ वर्ग का वार्षिक समारोह ‘बियॉन्ड द ड्रीम्स’ अत्यंत भव्यता, गरिमा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। यह समारोह आकांक्षाओं, साहस, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के उन आदर्शों को समर्पित रहा, जो असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्यों को भी संभव बनाने की प्रेरणा देते हैं। इस गरिमामय अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के माननीय कुलपति प्रो. महावीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिष्ठित भौतिक विज्ञानी प्रो. सिंह की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। समारोह का शुभारंभ विद्यालय ध्वज फहराने के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यालय गान ने वातावरण को गौरव, अनुशासन और उत्साह से भर दिया।
विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद, रतन टाटा, मुरलीकांत पेटकर, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, मिल्खा सिंह, उधम सिंह, कैप्टन विक्रम बत्रा तथा देश की अग्निशमन सेवाओं के वीर कर्मियों के प्रेरणादायी जीवन को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास, संघर्ष, राष्ट्रसेवा, त्याग और अदम्य साहस की ऐसी गाथाएँ उभरकर सामने आईं, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि महानता केवल सपने देखने में नहीं, बल्कि उन सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने, कठिनाइयों का सामना करने और अपने आदर्शों पर अडिग रहने में निहित है। समारोह का भव्य समापन दर्शकों के मन में नई ऊर्जा, आशा और प्रेरणा का संचार कर गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य, रेव. फादर हेनरी जोसेफ राज ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को ज़िम्मेदार, आत्मविश्वासी और संवेदनशील नागरिक बनाने के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इसके पश्चात आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रतिभा और सराहनीय योगदान को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. महावीर सिंह ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को ज्ञान की खोज में निरंतर आगे बढ़ने, चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करने तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
‘बियॉन्ड द ड्रीम्स’ केवल एक वार्षिक समारोह नहीं, बल्कि उन असाधारण व्यक्तित्वों को समर्पित एक प्रेरणादायी श्रद्धांजलि था, जिन्होंने अपनी कल्पनाओं को संकल्प, अपने संकल्प को कर्म और अपने कर्म को उपलब्धियों में परिवर्तित किया। इस समारोह ने प्रत्येक एडवर्डियन के मन में यह विश्वास दृढ़ किया कि सपनों की वास्तविक शक्ति तभी प्रकट होती है, जब उन्हें साहस, चरित्र, दृढ़ इच्छाशक्ति और सतत प्रयासों का साथ मिलता है।
