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शिमला। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (सीटू संबद्ध) के आह्वान पर सोमवार को प्रदेश भर में आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की। हड़ताल के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 4000 आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स शिमला पहुंचीं और राज्य स्तरीय प्रदर्शन कर सरकार के समक्ष अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर, आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की राष्ट्रीय महासचिव ऊषा रानी, सीटू हिमाचल प्रदेश के महासचिव प्रेम गौतम, कोषाध्यक्ष जगत राम, यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष नीलम जसवाल, महासचिव बीना शर्मा और राज्य कोषाध्यक्ष बिमला देवी सहित अन्य नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी वर्षों से आईसीडीएस परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।

मांगों पर विस्तार से चर्चा और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए मंत्री ने यूनियन के साथ 20 और 21 जुलाई को बैठक बुलाने पर सहमति व्यक्त की। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि तय समय के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन भविष्य में आंदोलन को और तेज करने पर विचार करेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन पर होने वाले खर्चों के संबंध में मंत्री ने कहा कि ईंधन, सब्जी, बिजली, सामग्री ढुलाई तथा अन्य मदों के बिलों का भुगतान नियमित रूप से प्रत्येक माह किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रदर्शन में सीटू के राज्य सचिव अजय दुल्टा, कुलदीप डोगरा, अमित, बालक राम, राज्य उपाध्यक्ष सुदेश ठाकुर और भूपेंद्र सिंह सहित प्रदेश के सभी जिलों से हजारों आंगनबाड़ी कर्मियों ने भाग लिया।

कई मांगों पर बनी सहमति

प्रदर्शन के दौरान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। बैठक में मंत्री ने यूनियन की कई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए महत्त्वपूर्ण आश्वासन दिए। मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री ने मोबाइल रिचार्ज के लिए दी जाने वाली राशि को वर्तमान 2000 रुपए वार्षिक से बढ़ाकर 4000 रुपए वार्षिक करने पर सहमति जताई। साथ ही आंगनबाड़ी कर्मियों को नए स्मार्टफोन उपलब्ध करवाने के लिए एक समिति गठित करने का आश्वासन दिया गया, जिसमें यूनियन के महासचिव को भी सदस्य बनाया जाएगा। हरियाणा की तर्ज पर आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स के मानदेय में वृद्धि के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

ईपीएफ और सामाजिक सुरक्षा पर होगी चर्चा

ईपीएफ के मुद्दे पर मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में संभावनाओं का अध्ययन कर रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए एनपीएस लागू करने का प्रस्ताव भी रखा। बैठक में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आंगनबाड़ी कर्मियों को कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के अनुरूप मुआवजा प्रदान करने के मुद्दे पर भी सहमति बनी। मंत्री ने इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

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