शिमला, 4 नवंबर। मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच छात्राओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और हुनर को रोजगार का माध्यम बनाने के उद्देश्य से राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) शिमला में हस्तशिल्प प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की वस्त्र एवं परिधान शाखा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता और हुनर का शानदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शनी में छात्राओं ने बुनाई, क्रोशिया और सिलाई सहित विभिन्न विधाओं से तैयार आकर्षक हस्तशिल्प वस्तुओं को प्रदर्शित किया। प्राचार्या डॉ. अनुरिता सक्सेना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने से तनाव प्रबंधन में मदद मिलती है। छात्राओं को मोबाइल का उपयोग कम कर खाली समय का सदुपयोग अपनी रुचि और हुनर को निखारने में करना चाहिए।
प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की तानिया ने पहला, बीए द्वितीय वर्ष की विनिता ने दूसरा और बीसीए प्रथम वर्ष की रिधिमा ने तीसरा स्थान हासिल किया। तीन अन्य छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। निर्णायक की भूमिका डॉ. निधि ढटवालिया और डॉ. रितु शर्मा ने निभाई।कार्यक्रम का आयोजन सहायक आचार्या डॉ. प्रीति सूद के मार्गदर्शन में हुआ। इसका उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता के साथ व्यावसायिक और उद्यमशीलता कौशल विकसित करना था, ताकि वे अपने हुनर को भविष्य में स्वरोजगार का जरिया बना सकें।
