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शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली गवर्निंग काउंसिल की बैठक के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली जा रहे हैं। नीति आयोग ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ 11 जून को बैठक बुलाई है। सीएम के साथ मुख्य सचिव भी दिल्ली जा रहे हैं। इस बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। तय एजेंडा के अनुसार इस बैठक में मानव संसाधन विकास, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा राज्यों की विकास प्राथमिकताओं, केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा सहकारी संघवाद को मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रह सकते हैं।

बैठक में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए राज्यों की भूमिका पर चर्चा की जा सकती है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल केंद्र और राज्यों के बीच नीति समन्वय का सर्वोच्च मंच माना जाता है। इस बैठक में विभिन्न राज्यों द्वारा अपने-अपने विकास संबंधी मुद्दे और सुझाव भी रखे जाएंगे, जिनके आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर नीतिगत दिशा तय करने में मदद मिलती है।

आरडीजी, जीएसटी, आपदा, ग्रीन बोनस पर होगी बात

नीति आयोग, क्योंकि पॉलिसी तय करने वाली संस्था है, इसलिए मुख्यमंत्री सुक्खू इसमें राज्य के चार मुख्य मुद्दे उठा सकते हैं। इनमें आरडीजी बंद होने से हिमाचल को हुए नुकसान की भरपाई, जीएसटी के कारण राज्य को हो रही क्षति की पूर्ति और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए मुआवजे की प्रभावी और प्रेक्टिकल व्यवस्था पर बात होगी। मुख्यमंत्री हिमाचल की ओर से बार बार उठाई जा रही ग्रीन बोनस की बात भी कर सकते हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने वनों की रक्षा के बदले यही मंाग वित्तायोग के सामने भी रखी थी।

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