शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल में दोबारा लॉटरी शुरू करने पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉटरी भाग्य का खेल है और किसी व्यक्ति पर इसे खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है। जिसकी इच्छा होगी, वही लॉटरी खरीदेगा। यह जुआ नहीं है। विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर दिए गए पत्र और उठाए गए सवालों पर भी गौर किया जाएगा, लेकिन यह मामला वैसा नहीं है, जैसा भाजपा नेता कह रहे हैं। नेपाल में हुई भीषण त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है।
इसमें हिमाचल प्रदेश के किसी नागरिक के लापता होने की जानकारी अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। वर्ष 2023-24 में हिमाचल प्रदेश में आई आपदाओं के दौरान भी उन्होंने कहा था कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप बदल रहा है। नेपाल त्रासदी पर हिमाचल विधानसभा में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।
हिमाचल में भी आपदाएं
सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023-24 की आपदाओं के बाद हिमाचल में लगातार आपदा प्रबंधन को लेकर बैठकें होती रही हैं। जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आपदाओं के प्रभाव का पूरे एशियाई क्षेत्र में अध्ययन करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आपदाओं के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर आईआईटी, पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की टीम से अध्ययन करवाने की मांग की थी। इसके बाद एक टीम हिमाचल प्रदेश में अध्ययन के लिए आई थी, लेकिन उस अध्ययन के आगे क्या परिणाम आए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
नहीं मिले 1500 करोड़
प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 1500 करोड़ रुपए की राहत राशि को लेकर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अभी 1500 करोड़ रुपए का इंतजार ही हो रहा है। जब तक केंद्र सरकार की ओर से औपचारिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक हिमाचल यह नहीं मान सकता कि 1500 करोड़ रुपए मिल गए हैं।
