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कांगड़ा। टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लैब तकनीशियन को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को रामपुर से लौटते समय मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शाम को ही निलंबन का आदेश जारी कर दिया। मामले को लेकर टांडा मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) ने भी विरोध जताया था। एसोसिएशन ने शनिवार को दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक की और प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने कार्यस्थल पर महिला चिकित्सकों और प्रशिक्षु डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

आरडीए अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश का स्वागत है, लेकिन लिखित निलंबन आदेश जारी होने के बाद ही डॉक्टर काम पर लौटेंगे। इस दौरान टांडा मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखने की बात कही गई। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री के निर्देशों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। वहीं स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि आरोपी लैब तकनीशियन को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
बताया गया है कि 28 सितंबर को प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग की प्रथम वर्ष की पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर एक मरीज के लिए प्लेटलेट्स की उपलब्धता और आपात स्थिति में उनके जारी किए जाने से संबंधित जानकारी लेने ब्लड बैंक पहुंची थीं।

शिकायत के अनुसार, वहां ड्यूटी पर तैनात लैब तकनीशियन ने प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। घटना के कुछ घंटे बाद डॉक्टर ने वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी। वरिष्ठ डॉक्टरों की सलाह के बाद प्रशिक्षु डॉक्टर ने चिकित्सा अधीक्षक को लिखित शिकायत दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मामले में कांगड़ा पुलिस थाने में आरोपी तकनीशियन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी को नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने और पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है। टीम दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले के तथ्यों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

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